116वां श्री मुलतान ज्योत महोत्सव 23 अगस्त को हरिद्वार में, लाखों श्रद्धालु होंगे शामिल

कलयुग दर्शन (24×7)
मो नदीम (संपादक)
हरिद्वार। 116वां श्री मुलतान ज्योत महोत्सव आगामी 23 अगस्त को हरिद्वार में भव्य एवं धार्मिक उल्लास के साथ आयोजित किया जाएगा। आयोजन में देशभर से लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। महोत्सव को लेकर हरिद्वार नगरी को भव्य रूप से सजाया गया है। श्री मुलतान ज्योत सभा के चेयरमैन रतनदेव चावला एवं अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नागपाल (पूर्व विधायक) ने संयुक्त वक्तव्य में बताया कि शोभायात्रा के मार्ग पर विशेष प्रकाश व्यवस्था, आतिशबाजी, पुष्पवर्षा और आकर्षक तोरण द्वार लगाए गए हैं। बिजली की नई तकनीक से विशेष ज्योत तैयार की गई है। जगह-जगह शोभायात्रा का स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि श्रद्धालु गंगा मैया में छोटी-छोटी पवित्र ज्योत प्रवाहित करेंगे। विभिन्न स्थानों पर हवन, सुंदरकांड पाठ और प्रसाद वितरण भी किया जाएगा। गंगा जी का दुग्धाभिषेक एवं पूजा-अर्चना कर विशेष ज्योत गंगा मैया को अर्पित की जाएगी। दिन में श्रद्धालु दूध से होली खेलेंगे और गंगा मैया के जयकारे लगाएंगे। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों से हर समाज के लोग शामिल होंगे। आयोजन में धार्मिक एवं सांस्कृतिक एकता के साथ हिन्दुत्व के संगम का भव्य दृश्य देखने को मिलेगा। श्रद्धालु गंगा स्नान कर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और मनोकामना पूर्ति के लिए पवित्र ज्योत अर्पित करेंगे।

रात्रि में शोभायात्रा के दौरान आकर्षक विद्युत सजावट और आतिशबाजी दीपावली जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगी। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष महोत्सव में प्रो. जगदीश मुखी (पूर्व राज्यपाल, असम), भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ, वीरेंद्र सचदेवा (पूर्व अध्यक्ष, भाजपा दिल्ली प्रदेश), सांसद बांसुरी स्वराज, मदन कौशिक (मंत्री, उत्तराखंड सरकार), श्री संजय तलवार (बाबा), टीवी कलाकार अमर वाल्मीकि तथा अभिनेता शेख रईस करीम सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे। डॉ. महेंद्र नागपाल ने बताया कि श्री मुलतान ज्योत महोत्सव की परंपरा वर्ष 1911 में भक्त रूप चंद द्वारा शुरू की गई थी। उन्होंने पाकिस्तान के मुलतान से पैदल चलकर समाज में भाईचारे और शांति की कामना के साथ हरिद्वार पहुंचकर गंगा मैया को ज्योत अर्पित की थी। तभी से यह परंपरा निरंतर चली आ रही है और प्रत्येक वर्ष इसे और अधिक भव्य रूप में आयोजित किया जाता है। उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न प्रांतों के अलावा पाकिस्तान में बसे मुलतान से भी श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए हरिद्वार पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या इस पर्व के प्रति आस्था और इसकी बढ़ती महत्ता का प्रमाण है।



