उत्तराखंड

शिव महापुराण कथा का कलश यात्रा के साथ शुभारंभ

कलयुग दर्शन (24×7)

दीपक झा (संवाददाता)

रुड़की। श्रावण मास के पावन अवसर पर पुरानी तहसील स्थित ज्योतिष गुरुकुलम में आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज के सानिध्य में श्रीशिव महापुराण कथा का श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ शुभारंभ हुआ। कथा से पूर्व भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। भगवान शिव के जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

आचार्य रमेश सेमवाल जी महाराज ने कहा कि शिव महापुराण भगवान शिव की भक्ति, धर्म, सदाचार, त्याग और आत्मकल्याण का मार्ग दिखाने वाला पवित्र ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि शिव आराधना से मन में श्रद्धा, सकारात्मकता और आध्यात्मिक शांति का भाव उत्पन्न होता है। उन्होंने गंगाजल को सनातन परंपरा में पवित्र बताते हुए कहा कि भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करना श्रद्धा, शुद्धता और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि कलश यात्रा मंगल, पवित्रता और देव आह्वान का प्रतीक है।

कथा के दौरान शिव तत्व, धर्म, कर्म, भक्ति और मानव जीवन के आध्यात्मिक उद्देश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण कर सनातन संस्कृति के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर राधा भटनागर, चित्रा गोयल, सुलक्षणा सेमवाल, आदित्य सेमवाल, कमलेश धीमान, रितु वर्मा, नीलम चौधरी, पूनम सिंह, रेनू शर्मा, नीलम वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

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