सावन में शिव आराधना से दूर होते हैं कष्ट, बरसती है महादेव की कृपा: स्वामी गर्व गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर एवं बाबा वीरभद्र सेवाश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी गर्व गिरी महाराज ने कहा कि सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की भक्ति और आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान सच्चे मन से की गई शिव उपासना से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति के साथ भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए स्वामी गर्व गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव करुणा और कल्याण के प्रतीक हैं। वे अपने भक्तों की श्रद्धा और भक्ति से प्रसन्न होकर उनके जीवन में सुख-शांति प्रदान करते हैं। सावन में शिवलिंग पर जल अर्पित करने तथा महामृत्युंजय मंत्र और शिव मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने कहा कि सावन के दौरान रुद्राभिषेक का विशेष महत्व है। श्रद्धालुओं को विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए।

शिव आराधना के साथ माता पार्वती का ध्यान करने से शिव-शक्ति की कृपा प्राप्त होती है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि, सौहार्द और शांति का वातावरण बनता है। स्वामी गर्व गिरी महाराज ने कहा कि भगवान शिव की भक्ति केवल सावन तक सीमित नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से शिव आराधना करते हुए अपने जीवन में सत्य, संयम, सेवा और सद्भाव को अपनाना चाहिए। भगवान शिव की कृपा से मनुष्य को कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति और जीवन में आगे बढ़ने का मार्ग मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से सावन के पवित्र अवसर पर भगवान शिव की आराधना के साथ जरूरतमंदों की सेवा करने और समाज में प्रेम, भाईचारे तथा सद्भाव का संदेश फैलाने का आह्वान किया।



