सावन में भगवान शिव की आराधना से जीवन में आती है सकारात्मक ऊर्जा: आचार्य महामंडलेश्वर अरुण गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। सावन का पावन महीना भगवान शिव की आराधना और भक्ति के लिए विशेष माना जाता है। इस अवसर पर पीठाधीश्वर, आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत श्री विभूषित अवधूत बाबा अरुण गिरी जी महाराज (एनवायरमेंट बाबा) ने श्रद्धालुओं को सावन मास की महत्ता बताते हुए भगवान शिव की भक्ति के साथ प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। आचार्य महामंडलेश्वर अरुण गिरी महाराज ने कहा कि सावन भगवान शिव को समर्पित पवित्र माह है। इस महीने में श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव का जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से मन को शांति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव त्याग, तपस्या, करुणा और समभाव के प्रतीक हैं।

सावन हमें प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी बोध कराता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव का स्वरूप हमें पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देता है। शिव को प्रसन्न करने के लिए केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि पेड़-पौधों की रक्षा, जल संरक्षण और स्वच्छता को बढ़ावा देना भी आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को सावन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। आचार्य महामंडलेश्वर ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि सावन में मंदिरों और तीर्थस्थलों पर श्रद्धा के साथ दर्शन-पूजन करें तथा गंगा और अन्य पवित्र नदियों की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि शिव भक्ति तभी सार्थक होगी, जब हम प्रकृति, जीव-जंतुओं और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का भी पालन करेंगे। उन्होंने सभी देशवासियों और शिवभक्तों को सावन मास की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से सभी के सुख, शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।



