उत्तराखंड

अमेरिकन आश्रम की संपत्ति विवाद में उच्चस्तरीय जांच की मांग

भाजपा पार्षद सुनीता शर्मा के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम और एसएसपी से की मुलाकात, संपत्ति को सरकारी संरक्षण में लेने की मांग

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सागर कुमार (सह संपादक)

हरिद्वार। भूपतवाला स्थित अमेरिकन आश्रम स्वामी देवानंद ट्रस्ट की संपत्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भाजपा पार्षद सुनीता शर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर से मुलाकात कर आश्रम की संपत्ति की कथित बिक्री और रजिस्ट्री के मामले में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने जांच पूरी होने तक संपत्ति पर यथास्थिति बनाए रखने और उसे सरकारी संरक्षण में लेने की भी मांग की। अधिकारियों ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। पार्षद सुनीता शर्मा ने जिलाधिकारी को बताया कि अमेरिकन आश्रम क्षेत्र की प्राचीन धार्मिक धरोहरों में शामिल है। देश-विदेश से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ कांवड़ यात्रियों की आस्था भी इस आश्रम से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे में आश्रम की भूमि की कथित बिक्री को महज संपत्ति का लेनदेन नहीं माना जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति को कथित तौर पर गुपचुप तरीके से बेचकर रजिस्ट्री कराई गई है। उन्होंने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों, रजिस्ट्री प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत जांच की मांग की।

साथ ही यह भी जांच कराने की मांग की गई कि धार्मिक ट्रस्ट की संपत्ति के हस्तांतरण या बिक्री के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक अनुमति का पालन किया गया था या नहीं। सुनीता शर्मा ने बताया कि आश्रम परिसर में पहले गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए भंडारा, निःशुल्क दवा वितरण और धर्मशाला जैसी सामाजिक सेवाएं संचालित होती थीं। आरोप है कि निजी कब्जे के कारण इन सुविधाओं से सैकड़ों जरूरतमंद लोग वंचित हो रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल ने आश्रम से जुड़े कांवड़ मार्ग को कथित रूप से बाधित किए जाने का मुद्दा भी प्रशासन के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि जांच में यह स्पष्ट होना चाहिए कि संपत्ति की बिक्री किस प्रक्रिया के तहत हुई, रजिस्ट्री किन परिस्थितियों में कराई गई और उससे संबंधित धनराशि का लेनदेन किस प्रकार हुआ। निष्पक्ष जांच से अमेरिकन आश्रम की संपत्ति के स्वामित्व, रजिस्ट्री और वित्तीय लेनदेन से जुड़े वास्तविक तथ्यों का पता चल सकेगा। पार्षद सुनीता शर्मा ने प्रशासन से धार्मिक धरोहर से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आश्रम की संपत्ति के साथ-साथ उससे जुड़ी धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

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