उत्तराखंड

अमोघ फल प्रदान करती है शिव साधना: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी की सावन के पूरे महीने चलने वाली शिव साधना अंतिम चरण में प्रवेश कर गयी है। प्रातःकाल से देर शाम तक लगभग 18 घंटे एक ही आसन में बैठकर कठोर शिव साधना कर रहे स्वामी कैलाशानंद गिरी ने बृहष्पतिवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ विभिन्न प्रकार के पुष्पों और फलों से शिवलिंग का श्रंग्रार कर गंगा जल, दूध, दही, गन्ने का रस, भांग, धतूरा, शमशान की भस्म आदि से महादेव शिव का अभिषेक किया। श्रद्धालु भक्तों को शिव महिमा से अवगत कराते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि देवों के देव महादेव शिव की शक्ति से बड़ी कोई शक्ति संसार में नहीं है। सच्चे मन से की गयी भगवान शिव की आराधना साधक को अमोघ फल प्रदान करती है। तीनों लोकों के स्वामी भगवान शिव अपने भक्तों का सदैव कल्याण करते हैं।

स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि रोजाना अनेक गणमान्य लोग व श्रद्धालु गुरूदेव की साधना में सम्मिलित होकर आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचते हैं। स्वामी अवंतिकांनद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुरूदेव की साधना का समापन शुक्रवार को होगा। साधना के समापन अवसर पर सभी अखाड़ों के संत महंत और श्रद्धालु भक्त मौजूद रहेंगे। इस अवसर पर स्वामी कृष्णानंद ब्रह्मचारी, स्वामी बाल मुकंदानंद ब्रह्मचारी सहित मंदिर के संत महंत और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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