उत्तराखंड

महिला स्वयं सहायता समूहों ने राखी बिक्री से अर्जित किए 7.15 लाख रुपये

मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत जनपद में 36 स्थानों पर लगाए गए राखी स्टॉल, “लखपति दीदी” बनने की ओर बढ़ रहीं ग्रामीण महिलाएं

कलयुग दर्शन (24×7)

विजय कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम)/रीप के अंतर्गत मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत जनपद हरिद्वार में महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जा रही है। योजना के तहत जनपद में 36 स्थानों पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा राखी बिक्री स्टॉल लगाए गए हैं। जिला परियोजना प्रबंधक (रीप) संजय सक्सेना ने बताया कि ये स्टॉल 21 अगस्त से 30 अगस्त 2026 तक संचालित किए जा रहे हैं। स्टॉलों पर महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित राखियों की बिक्री की जा रही है।

प्रत्येक स्टॉल से प्रतिदिन औसतन करीब 4 हजार रुपये की बिक्री हो रही है। अब तक समूहों द्वारा राखियों की बिक्री से कुल 7 लाख 15 हजार रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित उत्पादों को लोगों का अच्छा समर्थन मिल रहा है। राखी बिक्री के माध्यम से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध होने के साथ-साथ अतिरिक्त आय का अवसर भी मिल रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें “लखपति दीदी” बनने की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थानीय स्तर पर अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री का अवसर मिल रहा है।

इससे महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और “वोकल फॉर लोकल” की भावना को भी मजबूती मिल रही है। जिला एवं विकासखंड स्तर की एनआरएलएम टीम द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को प्रशिक्षण, विपणन, उत्पादों की बिक्री तथा अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य महिलाओं की आजीविका को मजबूत कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। राखी बिक्री से मिली सफलता इस दिशा में महिला समूहों के बढ़ते आत्मविश्वास और बेहतर बाजार पहुंच का उदाहरण है।

Related Articles

Back to top button