उत्तराखंडदुखद

वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण झा का निधन, पत्रकारिता और पुरोहित समाज में शोक

कनखल श्मशान घाट पर गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, बड़ी संख्या में पत्रकारों व गणमान्य लोगों ने दी श्रद्धांजलि

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

हरिद्वार। राष्ट्रीय सहारा के हरिद्वार ब्यूरो चीफ और वरिष्ठ पत्रकार प्रवीण झा का मंगलवार देर शाम निधन हो गया। वह 64 वर्ष के थे। पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे प्रवीण झा का देहरादून स्थित श्री महंत इंद्रेश अस्पताल में उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से हरिद्वार सहित पूरे उत्तराखंड के पत्रकारिता जगत और पुरोहित समाज में शोक की लहर दौड़ गई। मूल रूप से पुरोहित परिवार से जुड़े प्रवीण झा ने पत्रकारिता को अपना कर्मक्षेत्र बनाया। सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व, वाकपटुता और संतुलित पत्रकारिता के लिए उनकी अलग पहचान थी। युवा पत्रकार उन्हें मार्गदर्शक के रूप में सम्मान देते थे। प्रवीण झा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक जागरण सहित विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं से की। दैनिक जागरण में करीब 10 वर्षों तक सेवाएं देने के बाद वर्ष 2007 में वह राष्ट्रीय सहारा से जुड़े और लगातार करीब 18 वर्षों तक हरिद्वार ब्यूरो चीफ के रूप में अपनी सेवाएं दीं। पत्रकारिता के साथ उनका पुरोहित समाज से भी गहरा जुड़ाव रहा। गंगा सभा और तीर्थ पुरोहित समाज में उनका विशेष सम्मान था। उनके निधन को समाज के लोगों ने अपूरणीय क्षति बताया।

मंगलवार को कनखल स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बड़े बेटे कार्तिक झा ने मुखाग्नि दी। इस दौरान छोटे बेटे प्रणव झा, भाई अमित झा, भतीजे उदित झा सहित परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार में श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ, श्रीकांत वशिष्ठ, अश्वनी शर्मा, सभापति कृष्ण कुमार ठेकेदार, अविक्षित रमन सहित पुरोहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। विधायक आदेश चौहान ने भी श्मशान घाट पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। प्रेस क्लब हरिद्वार के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी, महासचिव सूर्यकांत बेलवाल, पूर्व अध्यक्ष अमित शर्मा सहित बड़ी संख्या में पत्रकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। प्रेस क्लब ने प्रवीण झा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनके निधन से पत्रकारिता जगत ने एक अनुभवी और मार्गदर्शक पत्रकार खो दिया है।

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