उत्तराखंड

विकसित भारत @2047 पर भाषण प्रतियोगिता में आरव सहगल प्रथम

लोक भवन में राज्यपाल ने प्रिंसी राजपूत और अंशिका सिंह को 11-11 हजार रुपये देकर किया सम्मानित

कलयुग दर्शन (24×7)

मो नदीम (संपादक)

हरिद्वार। एस.एम.जे.एन. (पी.जी.) कॉलेज, हरिद्वार में ‘मेरे सपनों का भारत-विकसित भारत @2047’ अभियान के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं ने शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, आत्मनिर्भरता, सामाजिक समानता, तकनीकी विकास और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। प्रतियोगिता में बीकॉम प्रथम सेमेस्टर के आरव सहगल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान पर एमए अंग्रेजी प्रथम सेमेस्टर की राशि और बीएससी पंचम सेमेस्टर की प्रियांशी चौधरी संयुक्त रूप से रहीं। तृतीय स्थान बीकॉम प्रथम सेमेस्टर की प्रियांशी सुमन और हेमंत अग्रवाल ने संयुक्त रूप से प्राप्त किया। लक्ष्मी सैनी को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, डॉ. मोना शर्मा और डॉ. पल्लवी ने निभाई। कार्यक्रम के संयोजन एवं संचालन में डॉ. सरोज शर्मा, डॉ. कविता छाबड़ा और डॉ. अनुरीषा का विशेष योगदान रहा।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में छात्राओं ने बढ़ाया कॉलेज का गौरव
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने बताया कि सूचना का अधिकार दिवस के अवसर पर आयोजित डॉ. आर.एस. तोलिया राज्य स्तरीय सूचना का अधिकार अधिनियम वाद-विवाद प्रतियोगिता में कॉलेज की छात्राओं प्रिंसी राजपूत (बीए प्रथम सेमेस्टर) और अंशिका सिंह (बीएससी तृतीय सेमेस्टर) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल राउंड में स्थान बनाया। देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने दोनों छात्राओं को 11-11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि के चेक देकर सम्मानित किया।

प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने सभी विजेताओं और प्रतिभाशाली छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि युवा शक्ति ही विकसित भारत की वास्तविक नींव है। इस तरह की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों की अभिव्यक्ति, ज्ञान और आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनकी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में छात्राओं की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक है। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प से जोड़ने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

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