लक्सर में पनीर निर्माण इकाई पर छापा, करीब 10 कुंतल सामग्री नष्ट
पामोलीन ऑयल और स्किम्ड मिल्क पाउडर से बनाया जा रहा था पनीर, इकाई बंद कर लाइसेंस निलंबित

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। आगामी नवरात्र और दीपावली पर्व के मद्देनजर खाद्य पदार्थों में मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने लक्सर क्षेत्र के संघीपुर गढ़ी में पनीर निर्माण इकाई पर छापेमारी की। 13 अक्टूबर की मध्य रात्रि और 14 अक्टूबर की सुबह की गई कार्रवाई के दौरान टीम ने करीब 10 कुंतल तैयार व अर्द्धनिर्मित पनीर तथा 90 किलोग्राम पामोलीन ऑयल नष्ट कराया। विभाग ने इकाई को अग्रिम आदेशों तक बंद कराते हुए उसका खाद्य लाइसेंस भी निलंबित कर दिया है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के उपायुक्त गढ़वाल राजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम में सहायक आयुक्त महिमानंद जोशी, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन, योगेंद्र पांडेय और पवन कुमार शामिल रहे।

कार्रवाई में एसपी देहात अभय प्रताप सिंह के सहयोग से उपलब्ध कराए गए पुलिस बल और महिला कांस्टेबल ने भी सहयोग किया। छापेमारी के दौरान निर्माण स्थल पर बिक्री के लिए संग्रहित करीब तीन कुंतल तैयार पनीर और लगभग छह कुंतल अर्द्धनिर्मित पनीर मिला। इसके अलावा 15 किलोग्राम क्षमता वाले बेस्ट चॉइस रिफाइंड पामोलीन ऑयल के छह भरे टिन, कुल 90 किलोग्राम तेल, 26 खाली टिन और 25 किलोग्राम क्षमता वाले स्किम्ड मिल्क पाउडर के 10 खाली बोरे बरामद हुए। मौके पर पामोलीन ऑयल के दो अन्य टिन भी पाए गए। विभागीय जांच में स्किम्ड मिल्क पाउडर और पामोलीन ऑयल का इस्तेमाल कर पनीर तैयार किए जाने की बात सामने आई। विभाग के अनुसार, खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तराखंड ने 7 अगस्त 2026 को एनालॉग पनीर के निर्माण, संग्रहण और बिक्री पर प्रतिबंध लगाया था। इसके बावजूद इकाई में उक्त सामग्री का इस्तेमाल कर पनीर बनाया जा रहा था।

कार्रवाई के दौरान टीम ने गड्ढा खुदवाकर करीब तीन कुंतल तैयार पनीर, छह कुंतल अर्द्धनिर्मित पनीर और 90 किलोग्राम पामोलीन ऑयल नष्ट करा दिया। इसके बाद निर्माण इकाई को अग्रिम आदेशों तक बंद कराते हुए नोटिस चस्पा किया गया और खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। इकाई संचालक ताजिम पुत्र फैयाज, निवासी संघीपुर गढ़ी, के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। मौके से पनीर और पनीर निर्माण में इस्तेमाल किए जा रहे पामोलीन ऑयल के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय प्रयोगशाला, रुद्रपुर भेजे गए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।



