चारधाम, केदारखंड और मानसखंड की यात्रा पर रवाना हुई जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के सानिध्य में संतों ने पौराणिक सिद्धपीठ मायादेवी मंदिर से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ जूना अखाड़े की पवित्र छड़ी यात्रा को रवाना किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, कुंभ मेला अधिकारी सोनिका, अपर मेला अधिकारी दयानंद सरस्वती भी मौजूद रहे। छड़ी यात्रा के प्रमुख हिमालय पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में लगभग 70 साधु-संतों, नागा संन्यासियों और श्रद्धालु भक्तों का जत्था उत्तराखंड यात्रा के लिए रवाना हुआ। महामंडलेश्वर स्वामी वीरेंद्रानंद गिरि महाराज के नेतृत्व में पावन छड़ी देवभूमि उत्तराखंड के चारों धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ सहित केदारखंड और मानसखंड के समस्त पौराणिक तीर्थों, सिद्धपीठों, शिवालयों और शक्तिपीठों, ओम पर्वत तथा आदि कैलाश की यात्रा कर सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार, आध्यात्मिक चेतना का जागरण और राष्ट्रीय एकता का संदेश देगी।

छड़ी यात्रा के शुभारंभ पर जूना अखाड़े के वरिष्ठ सभापति श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमहंत महेश पुरी, श्रीमहंत केदारपुरी महाराज, महामंत्री श्रीमहंत शैलेंद्र गिरि, श्रीमहंत रामेश्वर गिरि सहित अनेक संत महंत मौजूद रहे। जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं सचिव श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि पावन छड़ी यात्रा सनातन धर्म की प्राचीन, गौरवशाली परंपरा का प्रतीक है। यह गुरु-शिष्य परंपरा, त्याग, तपस्या और भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक विरासत को जीवंत रखने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि छड़ी यात्रा के माध्यम से युवा पीढ़ी वेदों, उपनिषदों और गीता के संदेश से जुड़ेगी।



