त्रयम्बकेश्वर में स्थापित हुई श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन की धर्मध्वजा
अखाड़े की विशिष्ट पहचान है धर्मध्वजा: श्रीमहंत दुर्गादास

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। महाराष्ट्र के नासिक में अगले वर्ष आयोजित होने जा रहे कुुंभ मेले की तैयारियां शुरू हो गयी है। श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के श्रीमहंत दुर्गादास महाराज के संयोजन में नासिक के त्रयम्बकेश्वर में गोदावरी के तट पर पूर्ण विधि विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अखाड़े की धर्मध्वजा स्थापित की गयी। इस दौरान सभी तेरह अखाड़ों के संत महापुरूष, नासिक मेला प्रशासन के अधिकारी और श्रद्धालु भक्त मौजूद रहे। श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि धर्मध्वजा अखाड़े की विशिष्ट धार्मिक पहचान है। प्रत्येक कुंभ मेले में सर्वप्रथम धर्मध्वजा स्थापित की जाती है। धर्मध्वजा के नीचे ही सभी धार्मिक क्रियाकलाप संपन्न किए जाते हैं। श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने कहा कि अगले वर्ष नासिक के अलावा हरिद्वार में भी कुंभ मेले का आयोजन होेना है। नासिक और हरिद्वार कुंभ मेले में श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन के संत महंत श्रद्धालु भक्तों को धर्म और अध्यात्म के प्रति जागरूक करेंगे।

महंत शंकरानंद महाराज ने कहा कि ऋयम्बकेश्वर भगवान शिव की नगरी और गोदावरी का प्राकटय स्थल है। उन्होंने कहा कि कुंभ मेले का आयोजन पूरी भव्यता के साथ किया जाएगा। कुंभ मेले के दौरान गोदावरी के तट पर लगने वाले संत महापुरूषों के शिविर से प्रसारित होने वाले प्रवचनो से पूरे विश्व को मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इस अवसर पर मुखिया महंत रामनौमी दास, महंत श्विानंद, महंत दान मुनि, महंत गोपालदास, महंत चरण दास, महंत शंकरानंद, महंत रमेश गिरी, महंत धनंजय गिरी, महंत दुर्गानन्द, महंत तीर्थदास, महंत दयाराम सहित बड़ी संख्या में संत महंत और पुुरोहित मौजूद रहे।



