नवरात्र में स्वामी कैलाशानंद गिरि की 16 दिवसीय साधना जारी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। सावन में कठोर तपस्या के बाद अब नवरात्र के पावन अवसर पर भी आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना निरंतर जारी है। मां आदिशक्ति के प्रति अटूट श्रद्धा, संकल्प और आध्यात्मिक समर्पण के साथ चल रही उनकी 16 दिवसीय साधना श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। साधना स्थल से सामने आए एक वीडियो में तापमान मापने वाले डिजिटल उपकरण के डिस्प्ले पर 111.0 डिग्री सेल्सियस की रीडिंग दिखाई दे रही है। इस दृश्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, उपकरण की रीडिंग किस परिस्थिति में दर्ज हुई, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। सावन में कठोर तपस्या के बाद नवरात्र में भी साधना जारी रखना महाराज के आध्यात्मिक अनुशासन और आराधना के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

सनातन परंपरा में मां आदिशक्ति की उपासना शक्ति, आत्मसंयम, आस्था और लोककल्याण की भावना से जुड़ी हुई है। महाराज की इस साधना का उद्देश्य समाज कल्याण, राष्ट्र की सुख-समृद्धि और सनातन धर्म की आध्यात्मिक चेतना का विस्तार बताया जा रहा है। साधना के माध्यम से सेवा, सद्भाव, मानव कल्याण और धार्मिक मूल्यों के प्रति समर्पण का संदेश भी दिया जा रहा है। नवरात्र के पावन दिनों में मां आदिशक्ति की आराधना श्रद्धालुओं को आस्था, धैर्य, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की प्रेरणा देती है। स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज की साधना इसी आध्यात्मिक भावना और लोककल्याण के संकल्प को केंद्र में रखती है।



