विश्व की सबसे प्राचीन और सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है सनातन: श्रीमहंत डा रविंद्रपुरी
भव्य और दिव्य स्वरूप में संपन्न होगा कुंभ मेला: जगतगुरू आचार्य प्रमोद कृष्णनम्

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राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सनातन विश्व की सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है। अखाड़े और संत महापुरूष सनातन संस्कृति के संवाहक हैं। रामानंद इंस्टीट्यूट में जगतगुरू आचार्य प्रमोद कृष्णनम्, स्वामी ऋषिश्वरानंद व अन्य संतों के साथ धर्म संस्कृति पर चर्चा करते हुए अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत डा.रविंद्रपुरी महाराज ने कहा कि सनातन विश्व की सबसे प्राचीन और सर्वश्रेष्ठ संस्कृति है। आदि शंकराचार्य ने सनातन संस्कृति के संरक्षण संवर्द्धन के लिए अखाड़ों का गठन किया था। अखाड़ों के नेतृत्व में समस्त संत समाज सनातन के संरक्षण संवर्द्धन के दायित्व का पालन कर रहा है। जगमतगुरू आचार्य प्रमोद कृष्णनम् ने कहा कि समाज को सांस्कृतिक रूप से एकजुट करने में संतों ने हमेशा अहम भूमिका निभायी है। उन्होंने कहा कि कहा कि कुंभ मेला सनातन संस्कृति की अद्भूत पहचान है।

अगले वर्ष हरिद्वार में होने वाला कुंभ मेला भव्य और दिव्य स्वरूप में संपन्न होगा। उन्होंने कहा कि 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भाजपा ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी और पुष्कर सिंह धामी तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। स्वामी ऋषिश्वरानंद ने कहा कि संत महापुरूषों के प्रयासों से प्राचीन काल से ही भारत सांस्कृति एवं सामाजिक रूप से एकजुट रहा है। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी, महामंडलेश्वर स्वामी सत्यश्रेयानंद, महंत राज गिरी, सनातन हिंदू वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष अमित वालिया, भाजपा नेता संजीव चौधरी, सनातन सेवा मिशन के राष्ट्रीय सचिव हिमांशु वालिया सहित कई संत महंत मौजूद रहे।



