उत्तराखंड

स्कूल वाहनों पर परिवहन विभाग की सख्ती, 45 वाहनों के चालान

कलयुग दर्शन (24×7)

रजत कुमार (संवाददाता)

हरिद्वार। जनपद में विद्यालयी बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा विद्यालय वाहनों के विरुद्ध चलाया जा रहा विशेष सघन जांच अभियान दूसरे दिन भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहा। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशों के अनुपालन में सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) सुश्री नेहा झा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के दौरान विभिन्न विद्यालयों के वाहनों की व्यापक जांच की गई। जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले 45 विद्यालय वाहनों के चालान मोटरयान अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत किए गए। अभियान के दौरान परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमों ने जनपद के विभिन्न विद्यालयों तथा प्रमुख मार्गों पर संचालित स्कूल बसों और अन्य विद्यालय वाहनों का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, चालक के वैध ड्राइविंग लाइसेंस, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, लेडी अटेंडेंट की उपलब्धता तथा अन्य अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तार से परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई वाहनों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकांश मामलों में फिटनेस प्रमाणपत्र का अभाव, परमिट संबंधी कमियां, चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस न होना, अग्निशमन यंत्र और फर्स्ट एड बॉक्स की अनुपलब्धता तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप लेडी अटेंडेंट की व्यवस्था न होना प्रमुख कारण रहे।

इन सभी मामलों में संबंधित विद्यालय वाहनों के खिलाफ नियमानुसार चालान की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने विद्यालय प्रबंधन और वाहन चालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्कूल वाहनों का संचालन तभी किया जाए जब सभी वैध दस्तावेज, सुरक्षा उपकरण और शासन द्वारा निर्धारित मानकों का पूर्ण रूप से पालन किया गया हो। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि भविष्य में यदि किसी विद्यालय वाहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या नियमों का उल्लंघन पाया गया तो और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। परिवहन विभाग ने दोहराया कि यह विशेष जांच अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य विद्यालयों और वाहन संचालकों को सुरक्षा मानकों के प्रति जागरूक करना तथा यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक विद्यार्थी सुरक्षित वातावरण में विद्यालय पहुंच सके। विभागीय अधिकारियों के अनुसार विद्यालय वाहनों के विरुद्ध यह विशेष प्रवर्तन अभियान आगामी दिनों में भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी विद्यालय वाहन को बख्शा नहीं जाएगा और मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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