संसद भवन के बाहर प्रदर्शन पर पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद को कानूनी नोटिस

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सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। नई दिल्ली में 31 जुलाई को संसद भवन के बाहर हुए एक प्रदर्शन को लेकर हरिद्वार के अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने सांसद पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद को अपने अधिवक्ता कमल भदौरिया के माध्यम से कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि 31 जुलाई की शाम लगभग 7 बजे उन्होंने एक टीवी समाचार चैनल पर संसद भवन के सामने हुए प्रदर्शन का प्रसारण देखा, जिसमें कथित रूप से भगवान श्रीराम का चित्र भूमि पर रखकर दान लेने का प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया गया। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि इस कृत्य से उनकी तथा करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और इसे भगवान श्रीराम तथा सनातन परंपराओं का अनादर बताया गया है। नोटिस में कहा गया है कि भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन करने के साथ-साथ अन्य लोगों की धार्मिक आस्था और प्रतीकों का सम्मान करने का भी अधिकार और दायित्व देता है। अधिवक्ता अरुण भदौरिया ने आरोप लगाया है कि संबंधित सांसदों ने जानबूझकर ऐसा कृत्य किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और उनके चित्र को इस प्रकार प्रस्तुत करना अनुचित है।

साथ ही आरोप लगाया गया है कि भगवा वस्त्र, जो साधु-संतों की परंपरा और सनातन संस्कृति का प्रतीक है, उसका भी दुरुपयोग किया गया। अधिवक्ता की ओर से यह भी कहा गया है कि प्रदर्शन के दौरान भगवान श्रीराम के चित्र के सामने जूते पहनकर दान देने का अभिनय किया गया, जबकि सनातन परंपरा में दान नंगे पैर दिए जाने की मान्यता है। नोटिस में इस कृत्य को धार्मिक परंपराओं के विपरीत बताया गया है। नोटिस में संसद भवन को देश की लोकतांत्रिक गरिमा और संविधान का प्रतीक बताते हुए कहा गया है कि उसके मुख्य द्वार के सामने इस प्रकार का प्रदर्शन संसद की गरिमा के भी प्रतिकूल है। कानूनी नोटिस में तीनों सांसदों से नोटिस प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर सनातन समाज से सार्वजनिक रूप से हाथ जोड़कर क्षमा याचना करने तथा अपना स्पष्टीकरण देने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित अवधि में संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो हरिद्वार न्यायालय में परिवाद दायर किया जाएगा। नोटिस में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई किए जाने का भी उल्लेख किया गया है।



