सृष्टि के कण-कण में है भगवान शिव का वास: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)
राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)
हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि देवों के देव महादेव भगवान शिव का सृष्टि के कण-कण में वास है। श्री दक्षिण काली मंदिर में विश्व कल्याण के लिए आयोजित विशेष शिव साधना के दौरान श्रद्धालु भक्तों को शिव महिमा से अवगत कराते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि भगवान शिव की माया अपरंपार है। साधारण मनुष्य उनकी माया को नहीं जान सकता है। जिस व्यक्ति पर भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। उसका जीवन भवसागर से पार हो जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव को प्रसन्न करना कठिन कार्य नहीं है। प्रतिदिन ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करते हुए गंगाजल से अभिषेक करने से ही वे प्रसन्न हो जाते हैं।

स्वामी कैलाशानंद गिरी ने कहा कि पूरे सावन भगवान शिव कनखल स्थित दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विराजमान रहते हैं। इसलिए सावन में हरिद्वार के गंगा तट पर शिव आराधना का विशेष महत्व है। सावन में की गयी आराधना से प्रसन्न होकर भगवान शिव भक्तों को विशेष पुण्य फल प्रदान करते हैं। जिससे कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है। परिवार में सुख समृद्धि का वास होता है। स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुरूदेव की साधना का समापन 28 अगस्त श्रावण पूर्णिमा को होगा। साधना के समापन अवसर पर अनेक संत महापुरूष, गणमान्य लोग व श्रद्धालु भक्त मौजूद रहेंगे। स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुरूदेव की साधना के फलस्वरूप विश्व में कल्याण और प्रगति का वातावरण बनेगा।



