उत्तराखंड

भव्य अखिल भारतीय सनातन महाकुंभ, संतों और विद्वानों ने साझा किए विचार

श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी सहित देशभर के संत-महंत, महामंडलेश्वर और ज्योतिषाचार्य हुए शामिल

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। ज्योतिष गुरुकुलम नवग्रह पीठ के संस्थापक अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य आचार्य रमेश सेमवाल महाराज के जन्मदिवस के अवसर पर रामनगर चौक स्थित होटल में भव्य अखिल भारतीय सनातन महाकुंभ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धर्म, अध्यात्म, सनातन संस्कृति, ज्योतिष, वेद-वेदांत और भारतीय ऋषि परंपरा पर विद्वानों ने विचार रखे। देशभर से आए संत-महंत, महामंडलेश्वर, ज्योतिषाचार्य एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने की। उन्होंने सनातन धर्म की प्राचीनता, भारतीय संस्कृति और संत परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन परंपरा मानव कल्याण, आध्यात्मिक उन्नति और लोकमंगल की भावना से जुड़ी है।

मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को वेद, उपनिषद, संस्कृत और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने सनातन संस्कृति एवं भारतीय परंपराओं के संरक्षण की आवश्यकता बताई। महामंडलेश्वर स्वामी हरि चेतनानंद जी महाराज ने सनातन को जीवन जीने की व्यापक पद्धति बताते हुए सेवा, संस्कार और सद्भाव का संदेश दिया। महामंडलेश्वर वेदमूर्ति जी महाराज ने वेदों की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक परंपरा पर विचार रखे।

महामंडलेश्वर ललितानंद जी महाराज, स्वामी विजयनाथ जी महाराज, दिनेशानंद जी महाराज, ज्योतिष गुरु डॉ. पवन सिन्हा, गंगोत्री धाम के रावल शिव प्रकाश महाराज, आचार्य शुभेश शर्मा सहित अन्य संतों और विद्वानों ने धर्म, ज्योतिष, गुरु-शिष्य परंपरा एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे। उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा विभाग के सचिव दीपक गैरौला ने संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। मुख्य आयोजक आचार्य रमेश सेमवाल महाराज ने सभी संत-महंतों, महामंडलेश्वरों, विद्वानों, अतिथियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सनातन महाकुंभ का उद्देश्य धर्म, अध्यात्म, ज्योतिष और भारतीय ज्ञान परंपरा को एक मंच पर लाना है। उन्होंने कहा कि वेद, वेदांत, ज्योतिष, गंगा, गीता, गायत्री और ऋषि परंपरा भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं।

मुख्य संयोजक सौरभ भूषण शर्मा और स्वागत अध्यक्ष डॉ. अर्पित सैनी ने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी, ओमप्रकाश जमदग्नि, शोभाराम प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. मधु सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में अतिथियों का सम्मान भी किया गया।

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