वर्चुअल लैब्स आधुनिक तकनीकी शिक्षा का प्रभावी माध्यम: विशेषज्ञ
आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स की उपयोगिता और कार्यप्रणाली की दी जानकारी

कलयुग दर्शन (24×7)
सरविन्द्र कुमार (संवाददाता)
हरिद्वार। एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), नोडल सेंटर वर्चुअल लैब, एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज तथा वर्चुअल लैब्स, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग, आईआईटी रुड़की के संयुक्त तत्वावधान में वर्चुअल लैब्स विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को वर्चुअल लैब्स की उपयोगिता, कार्यप्रणाली और तकनीकी शिक्षा में इसकी भूमिका से परिचित कराना था। कार्यशाला में आईआईटी रुड़की के प्रोजेक्ट एसोसिएट चेतन धीमान एवं अमित शर्मा रिसोर्स पर्सन के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स की अवधारणा, उपलब्ध प्रयोगों, डिजिटल संसाधनों तथा ऑनलाइन प्रयोग संचालित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। तकनीकी सत्र में चेतन धीमान ने प्रयोगात्मक एवं अनुभवात्मक अधिगम के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि अमित शर्मा ने विभिन्न प्रयोगों एवं मॉड्यूल्स का व्यावहारिक प्रदर्शन किया और विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. सुनील कुमार बत्रा ने संदेश में कहा कि उच्च शिक्षा में तकनीक का समुचित उपयोग समय की आवश्यकता है।

वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगात्मक संसाधनों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों में तकनीकी ज्ञान और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक हैं। वर्चुअल लैब्स नोडल सेंटर के समन्वयक डॉ. विजय शर्मा ने कहा कि नोडल सेंटर का उद्देश्य अधिक से अधिक विद्यार्थियों को वर्चुअल लैब्स से जोड़ना और डिजिटल प्रयोगात्मक संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए प्रेरित करना है। कार्यशाला के आयोजन में डॉ. पूर्णिमा सुन्दरियाल, विनीत सक्सेना एवं सुश्री अंजलि शर्मा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दौरान प्रो. विनय थपलियाल, डॉ. शिवकुमार चौहान, डॉ. मनोज कुमार सोही, वैभव बत्रा, डॉ. पदमावती तनेजा, डॉ. पुनीता शर्मा, डॉ. ज्योति चौधरी, कार्यालय अधीक्षक मोहन चन्द्र पाण्डेय, संदीप सकलानी, निशांत चौहान सहित विज्ञान संकाय के छात्र-छात्राएं एवं प्राध्यापक उपस्थित रहे।



