खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी, 18 नमूने अधोमानक मिले
होटल गंगा किनारे बिना लाइसेंस संचालित, चार कारोबारियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर

कलयुग दर्शन (24×7)
सागर कुमार (सह संपादक)
हरिद्वार। त्योहारी सीजन और चारधाम यात्रा के मद्देनजर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने हरिद्वार नगर निगम क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों से छह विधिक नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए, जबकि सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से 83 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इनमें 18 नमूने अधोमानक पाए गए। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर चार कारोबारियों के खिलाफ न्यायालय में वाद दायर किए गए। खाद्य सुरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय एवं जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, हरिद्वार महिमानंद जोशी के नेतृत्व में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों, होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंटों एवं फुटकर विक्रेताओं का औचक निरीक्षण किया गया। अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, नगर निगम हरिद्वार कैलाश चंद्र टम्टा ने ज्वालापुर के कटहरा बाजार, अनाज मंडी, जटवाड़ा पुल, कृष्णानगर कनखल, शिव मूर्ति चौक एवं मायापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण किया। इस दौरान कुट्टू के आटे के तीन, बादाम का एक, किशमिश का एक तथा गाय के दूध का एक नमूना सहित कुल छह विधिक नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

होटल गंगा किनारे में मिलीं अनियमितताएं
निरीक्षण के दौरान निरंजनी अखाड़ा रोड, मायापुर स्थित होटल गंगा किनारे के किचन एवं रेस्टोरेंट की जांच की गई। प्रतिष्ठान बिना खाद्य लाइसेंस के संचालित पाया गया। किचन में खाद्य पदार्थों का भंडारण, रखरखाव एवं निर्माण अस्वच्छ परिस्थितियों में किया जा रहा था। होटल प्रबंधन पेयजल एवं खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट, पेस्ट कंट्रोल के अभिलेख, कर्मचारियों के चिकित्सकीय परीक्षण एवं प्रशिक्षण से संबंधित दस्तावेज तथा साफ-सफाई के रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं कर सका। इन अनियमितताओं पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की संबंधित धाराओं के तहत चालानी कार्रवाई की। संबंधित प्रावधानों में अधिकतम 10 लाख रुपये तक के अर्थदंड का प्रावधान बताया गया है।
83 खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच
त्योहारी सीजन एवं चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों और आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से भी जांच अभियान चलाया गया। उपायुक्त एवं सचल खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के नोडल अधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में शिव मूर्ति चौक, जस्सा राम रोड और गुजराती गली सहित विभिन्न क्षेत्रों के रेस्टोरेंटों, ढाबों, मिष्ठान विक्रेताओं एवं परचून की दुकानों पर खाद्य पदार्थों की मौके पर जांच की गई। इस दौरान दूध एवं दुग्ध उत्पादों के नौ, तेल एवं घी के 12, अनाज एवं उनसे बने उत्पादों के तीन, मिठाइयों के 14 तथा मसालों के 45 नमूनों सहित कुल 83 खाद्य पदार्थों की जांच की गई। इनमें दूध एवं दुग्ध उत्पादों के दो, मिठाइयों के चार तथा मसालों के 12 नमूनों सहित कुल 18 नमूने अधोमानक पाए गए। संबंधित प्रतिष्ठानों से अधोमानक खाद्य सामग्री को तत्काल नष्ट कराया गया। खाद्य पदार्थों की मात्रा कम होने के कारण इनके विधिक नमूने एकत्र नहीं किए जा सके।

चार कारोबारियों के खिलाफ वाद दायर
अधोमानक पनीर के विक्रय एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर एक होटल संचालक और एक पनीर सप्लायर/थोक विक्रेता के खिलाफ न्याय निर्णायक अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के न्यायालय में वाद दायर किए गए। भीमगौड़ा स्थित एक अन्य रेस्टोरेंट संचालक के खिलाफ भी मानकों के उल्लंघन पर वाद दायर किया गया। वहीं, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी, रुड़की योगेंद्र पांडेय ने बिना लाइसेंस खाद्य कारोबार संचालित करने पर एक कारोबारी के खिलाफ वाद दायर किया। इस प्रकार कुल चार वाद न्यायालय में प्रस्तुत किए गए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि त्योहारी सीजन एवं चारधाम यात्रा को देखते हुए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण एवं जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों को निर्धारित मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।



