उत्तराखंड

शक्ति के जागरण का पर्व हैं नवरात्र: स्वामी कैलाशानंद गिरी

कलयुग दर्शन (24×7)

राकेश वालिया (ब्यूरो चीफ)

हरिद्वार। निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि नवरात्र शक्ति के जागरण का पर्व है। नवरात्रों में नौ दिनों तक देवी आराधना करने से सकारात्मक शक्ति का जागरण होता है। जिससे साधक के सभी संकट दूर हो जाते हैं। श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित नवरात्र उत्सव के दौरान देवी भगवती के पांचवे स्वरूप की साधना में शामिल हुए श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने कहा कि नवरात्र केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि और देवी भगवती की परम् शक्ति से साक्षात्कार करने अवसर भी है। जो भक्त नवरात्र में पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ मां भगवती के सभी नौ स्वरूपों की आराधना और साधना करते हैं। उनका जीवन भवसागर से पार हो जाता है।

मां भगवती की कृपा से जीवन में किसी प्रकार का अभाव नहीं रहता। सभी संकट और कष्ट सहज ही टल जाते हैं। मां भगवती की कृपा से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने से निर्णय शक्ति स्पष्ट होती है। जिससे साधक सफलता के पथ पर अग्रसर होता है। इसलिए सभी को देवी भगवती का कृपा पात्र बनने के लिए नवरात्र साधना अवश्य करनी चाहिए। स्वामी कैलाशानंद गिरी के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि नवरात्रों में मां श्री दक्षिण काली के दर्शन पूजन करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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