उत्तर प्रदेश

रामायण ज्ञान प्रश्न मंच में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा

100 से अधिक प्रश्नों के त्वरित उत्तर देकर बच्चों ने ज्ञान और संस्कारों का दिया परिचय

कलयुग दर्शन (24×7)

हैदर अंसारी (सहारनपुर जिला प्रभारी)

सहारनपुर। जनता रोड स्थित सेठ आनंदराम जयपुरिया स्कूल में सारंग सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन की ओर से 32वें ‘रामायण को जाने’ प्रश्न मंच का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने रामायण से जुड़े 100 से अधिक प्रश्नों के त्वरित एवं सटीक उत्तर देकर अपनी प्रतिभा और ज्ञान का परिचय दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूल के प्रबंध निदेशक विवेक मनोचा, आशीष गर्ग, रवि बख्शी, प्रधानाचार्य पूजा त्यागी, वाइस प्रिंसिपल शालिनी अरोड़ा एवं अरुण देशवाल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद प्रभु श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूप में सजे विद्यार्थियों का स्वागत किया गया। प्रश्न मंच में विद्यार्थियों को राम, दशरथ, सुग्रीव और लव-कुश दरबार में विभाजित किया गया। संचालक रवि बख्शी ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों, पात्रों और तथ्यों से जुड़े प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने महर्षि वाल्मीकि, माता सीता, ताड़का, कालनेमि, रावण, हनुमान जी के पुत्र मकरध्वज और राजा दशरथ के पिता अज सहित विभिन्न विषयों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर आत्मविश्वास के साथ दिए। इस अवसर पर युवा व्यापारी नेता कुबेर नरूला ने लक्ष्मण जी के संवाद सुनाकर खूब तालियां बटोरीं।

प्रबंध निदेशक विवेक मनोचा ने कहा कि रामायण हमें जीवन जीने की सीख देती है। इसके प्रत्येक पात्र से आदर्श पिता, पुत्र, पत्नी और मित्र के साथ-साथ जीवन के विभिन्न मूल्यों की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को सम्मान पत्र एवं ‘श्री राम रत्न सम्मान’ प्रदान किया गया। प्रधानाचार्य पूजा त्यागी और वाइस प्रिंसिपल शालिनी अरोड़ा ने विवेक मनोचा को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम अध्यक्ष साहित्यकार रमेश चंद छबीला एडवोकेट, अरुण कुमार सूरी और रवि बख्शी को भी अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए गए। कार्यक्रम का स्वागत एवं संचालन युक्ति मेहंदीरत्ता और पूजा सेतिया ने किया। बच्चों की सुंदर वेशभूषा और आयोजन की व्यवस्थाओं ने अतिथियों एवं अभिभावकों का ध्यान आकर्षित किया। आयोजन ने संदेश दिया कि रामायण केवल पढ़ने का ग्रंथ नहीं, बल्कि ज्ञान, संस्कार, मर्यादा और आदर्शों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा देने वाला महान ग्रंथ है।

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